मुख्यमंत्री ने इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2026 के टॉपर सूची में स्थान प्राप्त किये हुये 168 मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
- by Manjesh Kumar
- 09-Sep-2026
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पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित 'नेक सवांद' सभागार में इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2026 के टॉपर सूची में स्थान प्राप्त किये हुये 168 मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करने के पश्चात् मुख्यमंत्री ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 (विज्ञान संकाय) के टॉप 3 स्थान प्राप्त करनेवाले आदित्य प्रकाश अमन, साक्षी कुमारी, सपना कुमारी, इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 (कला संकाय) के टॉप 4 स्थान प्राप्त करनेवाले निशु कुमारी, सिद्धि शिखा, चंद्रदीप कुमार, मो लक्की अंसारी, इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 (वाणिज्य संकाय) के टॉप 2 स्थान प्राप्त करनेवाली अदिति कुमारी, माहि कुमारी, इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 (व्यावसायिक पाठ्यक्रम) के 2 स्थान प्राप्त करनेवाले प्रियांशु राज, अनिका उपाध्याय तथा वार्षिक माध्यमिक परीक्षा-2026 के टॉप 3 स्थान प्राप्त करनेवाले पुष्पांजलि कुमारी, साबरीन परवीन, नाहिद सुल्ताना को मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं सांकेतिक चेक प्रदान किया। इंटरमीडियट एवं मैट्रिक में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाले छात्रों को 2 लाख, द्वितीय स्थान प्राप्त करनेवालों को 1.5 लाख तथा तृतीय स्थान प्राप्त करनेवाले छात्रों को 1 लाख रूपये की राशि प्रदान की गयी। साथ ही इंटरमीडिएट में चतुर्थ एवं पंचम स्थान प्राप्त किये हुये विद्यार्थियों को 30 हजार रूपये तथा मैट्रिक में चतुर्थ से दशम स्थान प्राप्त किये हुये विद्यार्थियों को 20 हजार रूपये की राशि प्रदान की गयी। सभी पुरस्कृत विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय हेतु अतिरिक्त 51 हजार रूपये की राशि प्रदान की गयी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2026 के टॉपर सूची में स्थान प्राप्त किये हुये 168 मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया है। आज के इस सम्मान समारोह में आप सभी का स्वागत करता हूँ। आपकी सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। आपकी उपलब्धि आपके परिश्रम, प्रतिमा और लगन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज का दिन आपके लिये भी और हमारे लिये भी खास है। आपको लोक सेवक आवास में बुलाकर सम्मानित किया जा रहा है। टॉपरों को विशेष तौर पर बधाई देता हूँ लेकिन जो 168 छात्र यहां आये हैं वे सभी मेरे लिये टॉपर हैं, मैं सभी का स्वागत करता हूँ। उन्होंने कहा कि जब इस कार्यक्रम का मैं रिव्यू कर रहा था तो पता चला कि नवम्बर-दिसम्बर में टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है। हमने अधिकारियों से कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान परीक्षा परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद होना चाहिए। अब अगले साल से टॉपर्स सम्मान समारोह परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक महीने में आयोजित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए समय पर सम्मान और प्रोत्साहन मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का स्वर्णिम इतिहास रहा है। बिहार की पहचान प्राचीन काल से ही ज्ञान और शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में रही है। बिक्रमशिला और नालंदा विश्वविद्यालय इसी मगध की धरती से संचालित हुआ है। नालंदा विश्वविद्यालय को वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने पुनः स्थापित किया। विक्रमशिला विश्वविद्यालय को भी खोलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। 15 जुलाई को इसके लिये 200 एकड़ भूमि आवंटित कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य के गौरवशाली शैक्षिक अतीत को आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कोचिंग, लाइव क्लास एवं लाइव ट्यूटर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि जो पूर्ववर्ती छात्र अपने विद्यालय और वहां पढ़नेवाले विद्यार्थियों के लिए योगदान देना चाहते हैं, उनका स्वागत किया जाएगा और उन्हें इससे जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का संकल्प विकसित भारत है और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का संकल्प 'समृद्ध बिहार है। इस संकल्प को हम सभी को मिलकर पूरा करना है। बिहार बदल रहा है और लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। इस विकास यात्रा में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देनेवाले बनें। राज्य में अब तक 1,000 उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
राज्य में बाढ़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 38 प्रतिशत कम वर्षापात के बावजूद बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार में लगभग हर वर्ष बाढ़ की चुनौती सामने आती है। इसलिए केवल राहत एवं बचाव तक सीमित रहने के बजाय इसके स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-चक्र और प्राकृतिक जल-प्रवाह तंत्र को बेहतर एवं व्यवस्थित करने की दिशा में दीर्घकालिक कार्य किया जाएगा, ताकि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तलाशा जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्राचीन शैक्षणिक केंद्रों की विरासत को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रयास बिहार को फिर से ज्ञान और शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विद्यार्थी एवं युवा अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग बिहार के विकास के लिये करें। बिहार को मजबूत, विकसित और समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि को बेहतर एवं सुदृढ़ बनाना हम सभी का दायित्व है। जो बिहार के बाहर रहकर अच्छा कर रहे हैं उनसे हमारा आह्वान है कि वे कर्मभूमि के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि को भी बेहतर बनायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सम्मानित किए गए विद्यार्थी बिहार के उज्ज्वल भविष्य की पहचान हैं और आनेवाले समय में वे राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आप सभी दूसरे छात्रों को भी मेधावी बनने के लिये प्रेरित करें। जीवन में जब बेहतर शिक्षा मिल जाती है तो पूरा जीवन प्रकाशमय हो जाता है। विद्यार्थियों को आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए 'सहयोग पोर्टल' भी संचालित किया जा रहा है। इसमें विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उनके सुझाव का भी प्रावधान किया गया है। हम चाहते हैं कि विकसित और समृद्ध बिहार बनाने के लिये भी आप अपना सुझाव दें। मैं आप सभी को सफल जीवन की शुभकामनायें देता हूँ, उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। आप अपने जीवन में आगे बढ़ते रहें। छात्रों को सम्मानित करने के पश्चात् मुख्यमंत्री की ओर से सभी उपस्थित छात्रों एवं उनके अभिभावकों को लोक सेवक आवास में प्रीति भोज कराया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के साथ भोजन किया और उनके साथ आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान उनके भविष्य की योजनाओं तथा अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री के साथ छात्र-छात्रायें खुशनुमा माहौल में बातचीत कर काफी उत्साहित नजर आये। मुख्यमंत्री ने सभी छात्र-छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें दी। कार्यक्रम में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ त्यागराजन एसएम ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कार्यों पर आधारित लघु फिल्म प्रस्तुत की गयी। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ त्यागराजन एसएम, अन्य वरीय अधिकारी तथा छात्र-छात्रायें एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।


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