कटिहार में बाढ़ की मार, राहत सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल, मंत्री के आने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों जाम कर दिया सड़क

कटिहार: बाढ़ आपदा के बीच राहत सामग्री और भोजन की गुणवत्ता को लेकर दक्षिणी भंडारताल पंचायत के वार्ड संख्या-5 के ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को सड़क पर दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उचला चौक से शीशियां जाने वाली बांध सड़क को बांस-बल्ले लगाकर जाम कर दिया। बताया गया कि आपदा मंत्री रत्नेश सदा के क्षेत्र में आने की सूचना के बाद ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ के कारण घर-बार छोड़कर बांध और सड़क किनारे शरण लेने को मजबूर परिवारों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है। सबसे बड़ी परेशानी खाने की गुणवत्ता और पॉलीथिन की उपलब्धता को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि राहत शिविरों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। वहीं, बारिश और तेज धूप से बचने के लिए छत ढकने को पॉलीथिन तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

धूप-बारिश के बीच बांध पर कट रही जिंदगी

बाढ़ से प्रभावित परिवार अपना घर छोड़कर बांध पर अस्थायी बसेरा बनाए हुए हैं। खुले आसमान के नीचे रह रहे लोगों को दिन में कड़ी धूप और बारिश के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे संकट के समय कम से कम सिर ढकने के लिए पॉलीथिन और खाने की उचित व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

पहले भी उठ चुका है खाने की गुणवत्ता का मुद्दा

राहत शिविर में भोजन की गुणवत्ता को लेकर इससे पहले बीस सूत्री अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने भी अंचलाधिकारी से शिकायत की थी। अब ग्रामीणों के सड़क पर उतरने से राहत व्यवस्था को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा में राहत शिविरों में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। सड़क जाम के कारण बांध मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। ग्रामीण अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मौके पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त भोजन और पॉलीथिन जैसी जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक उनकी परेशानी दूर नहीं होगी।

  

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