सुरक्षित बचपन सुरक्षित भविष्य अभियान के तहत पॉक्सो अधिनियम संवेदीकरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
- by Manjesh Kumar
- 27-May-2026
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पूर्णिया: विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना से प्राप्त निर्देश के आलोक में जागृति अभियान के अंतर्गत “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” विषय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णियाँ द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम संवेदीकरण जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णियाँ कन्हैया जी चौधरी के निर्देशानुसार एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुनील कुमार के मार्गदर्शन एवं देख-रेख में सुमरित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनमनखी में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के बीच जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पैनल अधिवक्ता, पारा विधिक स्वयंसेवक तथा जिला समन्वयक / बाल सुरक्षा सहयोगी, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA), पूर्णियाँ से मो सज्जाद आलम को प्रतिनियुक्त किया गया था।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट, 2012 के विभिन्न प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों, साइबर सुरक्षा, बाल संरक्षण एवं लैंगिक संवेदनशीलता के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से “गुड टच एवं बैड टच” के संबंध में सरल, व्यवहारिक एवं संवेदनशील तरीके से बच्चों को जागरूक किया गया, ताकि वे अपने साथ होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार, उत्पीड़न अथवा शोषण की पहचान कर सकें तथा समय रहते उचित सहायता प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ संवादात्मक चर्चा करते हुए बाल यौन शोषण से संरक्षण, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों एवं बच्चों के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। बच्चों को यह समझाया गया कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न, दुर्व्यवहार, हिंसा अथवा शोषण होता है, तो वे बिना डर एवं संकोच के अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक अथवा ऐसे विश्वसनीय व्यक्तियों को अवश्य बताएं, जो उनकी सहायता कर सकें। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर संबंधित हेल्पलाइन नंबरों एवं कानूनी सहायता सेवाओं का सहयोग लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन-181 तथा पुलिस हेल्पलाइन-112 के उपयोग, महत्व एवं सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। जागरूकता सत्र के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं व्यवहारिक तरीके से उत्तर दिया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएँ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे तथा बच्चों को सुरक्षित, संवेदनशील एवं जागरूक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण, संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णियाँ द्वारा संचालित यह जागरूकता अभियान दिनांक 30 मई तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगामी जागरूकता शिविर का आयोजन जिला हाई स्कूल, पूर्णियाँ में किया जाएगा।


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