Teacher's Day के दिन पटना में वित्तरहित शिक्षक हाथ में कटोरा लेकर उतरे सड़क पर, कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता भी थे साथ

पटना: शिक्षक दिवस के अवसर पर देश भर में एक तरफ शिक्षकों को सम्मानित किये जाने के लिए तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे तो दूसरी तरफ राजधानी पटना में वित्तरहित शिक्षक हाथों में कटोरा लेकर भीख मांग रहे थे। दरअसल वित्तरहित शिक्षकों ने विभिन्न मांगों को लेकर पटना में कफ़न यात्रा निकाली थी। यात्रा में शिक्षकों के साथ कांग्रेस और कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता भी शामिल थे। प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से जुलूस के रूप में निकले लेकिन उन्हें पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास ही रोक दिया। हालांकि इस दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग पार करने की भी कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें पार नहीं करने दिया। अंत में प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर लेट गए जबकि कुछ प्रदर्शनकारी हाथ में कटोरा लेकर भीख मांगते हुए भी नजर आए।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हमारा मुख्य मुद्दा वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करना और कॉलेजों के समायोजन की मांग है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। पदयात्रा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, सेवा दल के चेयरमैन डॉ संजय यादव समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। सुबह से ही जेपी गोलंबर के आसपास पुलिस की तैनाती कर दी गई थी। गांधी मैदान से विधानसभा की ओर जाने वाले मार्ग पर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। इधर प्रदर्शन के कारण आवागमन प्रभावित हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर 5 सितंबर तक शिक्षकों की मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 6 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

धरना गर्दनीबाग में आयोजित किया जाएगा और मांगें पूरी होने तक जारी रखने की बात कही गई है। कांग्रेस की ओर से इसके साथ ही राज्यभर में हस्ताक्षर अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि शिक्षक पूरी जिंदगी विद्यार्थियों का भविष्य बनाने में लगा देते हैं, लेकिन उनके अपने भविष्य की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिक्षक दिवस के दिन सरकार का ध्यान शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से यह कफन पदयात्रा निकाली गई है। अब मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।

  

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