शीघ्र भरे जाएंगे लाइब्रेरियन के रिक्त पद, शिक्षकों के लंबित मामलों को शून्य पर लाएं: शिक्षा मंत्री
- by Manjesh Kumar
- 17-Aug-2026
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पटना: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया है। शिक्षा मंत्री ने सोमवार को विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक कर विभिन्न कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि 5 सितम्बर के बाद ऑफलाइन आवेदन बंद कर दिए जाएंगे। अब सभी शिक्षकों को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ही आवेदन देना होगा। बैठक में लाइब्रेरियन की बहाली को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया। बिहार शिक्षा सेवा के नवनियुक्त अधिकारियों को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) की जिम्मेदारी देने पर भी विमर्श किया गया। इसके साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारियों को भी इस दायित्व के लिए प्राथमिकता देने पर विचार किया गया।
समीक्षा बैठक में संस्कृत और मदरसा शिक्षकों के सात माह के बकाये वेतन के भुगतान की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 5 सितम्बर से पहले बकाये वेतन के भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अररिया, सारण, मधुबनी और भागलपुर स्थित राजकीय संस्कृत उच्च विद्यालयों सहित ऐसे विद्यालयों, जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां समेकित विद्यालय खोले जाएंगे। इन विद्यालयों में संस्कृत की पढ़ाई भी जारी रहेगी। जिन विद्यालयों की भूमि पर अतिक्रमण है, उसे मुक्त कराया जाएगा। साथ ही संस्कृत शिक्षा के विकास और उत्थान के लिए एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें संस्कृत विषय के विद्वानों को भी शामिल किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि 19 सितम्बर को पटना के ज्ञान भवन में ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के रूप में कार्यरत मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और बेहतर बनाने को लेकर चर्चा होगी। शिक्षा मंत्री ने सीएम सहयोग पोर्टल पर प्राप्त मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इन मामलों के निष्पादन में गंभीरता बरतने और निर्धारित समय-सीमा में समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं और कार्यों का लाभ विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम लोगों तक समय पर पहुंचे, यह विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। समीक्षा बैठक में विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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