मनरेगा योजना के कार्यों के भुगतान के लिए अधिकारी लेते हैं कमीशन, उप प्रमुख ने डीएम से की जांच की मांग
- by Manjesh Kumar
- 02-Jul-2026
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पूर्णिया: जिले के केनगर प्रखंड में मनरेगा योजना में भुगतान को लेकर मामला गरमा रहा है। प्रखंड उप प्रमुख विजय कुमार मिस्त्री ने मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी सौरभ कुमार सिंह पर योजना की राशि के भुगतान के एवज में 30 प्रतिशत कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। उप प्रमुख इसके संबंध में जिला पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उप प्रमुख विजय कुमार मिस्त्री ने बताया कि मजरा पंचायत अंतर्गत कामाख्या सरोवर योजना संख्या 77/24-25 के तहत तालाब का जीर्णोद्धार तत्कालीन मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान कराया गया था।
उनके अनुसार, उस समय मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा था कि पहले कार्य पूरा करा दिया जाए, मुख्यमंत्री की यात्रा के बाद मापी कर भुगतान कर दिया जाएगा। काम पूरा हो गया लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया है उप प्रमुख का आरोप है कि जब वे भुगतान की स्थिति जानने के लिए मनरेगा कार्यालय पहुंचे तो कार्यक्रम पदाधिकारी ने कथित रूप से कहा कि मजदूरों के लगभग ढाई लाख रुपये के भुगतान का 30 प्रतिशत जमा करने के बाद ही शेष राशि का भुगतान किया जाएगा। इस पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि मजदूरों के पैसे से कमीशन मांगना शर्मनाक है। इससे कार्यक्रम पदाधिकारी नाराज हो गए और उप प्रमुख को कार्यालय से बाहर जाने का निर्देश दिया उप प्रमुख ने आफिस में जमा की गई फाइल की मांग की तो कह दिया की फाइल नहीं मिल रही है और उसकी खोजबीन की जा रही है।
बिठनौली पश्चिम पंचायत के पंचायत समिति सदस्य ओम प्रकाश शर्मा उर्फ बादल शर्मा ने भी कार्यक्रम पदाधिकारी पर 30 से 35 प्रतिशत तक कमीशन लेने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बिना कमीशन के किसी भी मनरेगा योजना का भुगतान नहीं किया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक कमीशन नहीं दिया जाता, तब तक योजनाओं में कमी बताई जाती है, जबकि कमीशन मिलने के बाद कागजी योजनाओं का भी भुगतान कर दिया जाता है।ओम प्रकाश शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा कार्यालय में चार निजी ऑपरेटर रखकर कथित रूप से वसूली का कार्य कराया जाता है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। वहीं भाजपा के केनगर मंडल अध्यक्ष आदर्श कुमार 'गोलू' ने कहा कि यदि जांच में भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन भी किया जाएगा। मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी सौरभ कुमार सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कमीशनखोरी का आरोप गलत है। निजी ऑपरेटरों की नियुक्ति के संबंध में उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार की गई है। वरीय पदाधिकारी इस पर क्या कुछ एक्शन लेते हैं यह देखना दिलचस्प है।


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