राघोपुर हादसा के बाद मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन अलर्ट, अधिकारियों को दिए कई निर्देश

मुजफ्फरपुर: जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को नदियों में नावों के परिचालन के लिए तय मानकों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस विषय पर आयोजित एक बैठक में सभी पुलिस अधीक्षकों, अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, थानाध्यक्षों एवं अन्य को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने नाव परिचालन में निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले नावों संचालकों तथा नाविकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने का निदेश दिया गया है। अधिकारीद्वय ने कहा कि जन-सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ओवरलोडिंग या अवैध परिचालन करने वालों के विरूद्ध सख्त विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न नदी घाटों (जैसे गंडक, बूढ़ी गंडक और बागमती नदी) पर सुरक्षा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा समय-समय पर नावों के परिचालन पर नियमन जारी किया जाता है। जन सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्टेकहोल्डर्स इसका अनुपालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न अंचलों के घाटों पर लोगों का आवागमन नाव के माध्यम से किया जाता है। निरीक्षण के क्रम में देखा जाता है कि नाव पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठा कर, मवेशियों तथा छोटे-बड़े वाहनों को लाद कर परिचालन किया जा रहा है, जो मानक संचालन प्रक्रिया के प्रतिकूल है तथा ऐसी स्थिति में दुर्घटना की प्रबल संभावना बनी रहती है। इसे रोकने के लिए पदाधिकारियों को निदेशित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने का निदेश दिया गया है। 

नावों के परिचालन को लेकर डीएम ने कहा कि निबंधित निजी/सरकारी नाव का परिचालन सूर्यास्त के बाद एवं सूर्याेदय के पूर्व किसी भी परिस्थिति में नहीं होने दिया जाय। इसका उल्लंघन करने वाले नाव मालिकों/नाविकों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई किया जाय। यह सुनिश्चित करेगें कि क्षेत्र में बिना निबंधन के किसी भी नाव का परिचालन नहीं होने पाये।  नाविक के द्वारा नाव पर क्षमता से अधिक सवारी को किसी भी परिस्थिति में नहीं बैठने दिया जाय। अपने-अपने क्षेत्र में चिन्हित घाटों से ही नाव का परिचालन कराया जाय। खतरनाक घाटों को चिन्हित कर उन घाटों से नाव परिचालन पर पूर्ण रूप से रोक लगाया जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक नाव में क्षमता के अनुरूप लाईफ जैकेट, लाईफ ब्यॉय, फर्स्ट एड किट, रस्सी सहित अन्य बचाव उपकरण उपलब्ध हो।

जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि उपर्युक्त मापदंडों से संबंधित प्रचार-प्रसार/चेतावनी विभिन्न घाटों पर अंचलाधिकारी के माध्यम से कराया जाय। जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत नाविकों के साथ बैठक कर उक्त आदेश से अवगत करायेंगे तथा अपने क्षेत्रान्तर्गत ओवरलोडेड नाव के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगायेंगे। इसके साथ ही नियमित अंतराल पर निरीक्षण करेंगे एवं निरीक्षण प्रतिवेदन अपने अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी/अनुमण्डल पदाधिकारी को देते हुए उसकी एक प्रति जिला आपदा शाखा को भी देंगे। 

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला परिवहन पदाधिकारी को समय-समय पर विधिवत अभियान चलाकर नावों का निबंधन कराने का निर्देश दिया गया है, इसके लिए अंचलवार रोस्टर तैयार किया जाएगा। जो भी नाव बिना निबंधन के परिचालन होते पाया जाएगा उसे जप्त किया जाएगा तथा उसके संचालक/नाविक के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला परिवहन पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को नावों के निबंधन की शर्तों यथा कैरियिंग कैपेसिटी, सेफ्टी उपकरणों एवं सामानों की व्यवस्था आदि का उल्लंघन करने वाले नाव मालिकों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नदियों में नावों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी नावों का निबंधन अनिवार्य है। सुरक्षा के मद्देनजर यह भी अनिवार्य है कि नाव पर क्षमता से अधिक लोग न बैठें और लाइफ जैकेट की उपलब्धता हो। निबंधन से पूर्व मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) द्वारा जांच की जाएगी। मापदंडों का उल्लंघन करने वाले नाव स्वामियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी. आम जनता से भी अपील है कि वे नावों से सवारी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही करें। अंचल अधिकारियों को लगातार पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया गया है।

  

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