यूसीसी और एसआईआर को लेकर मांझी ने विपक्ष को धोया, जन्मदिन के अवसर पर शराब को लेकर दिया बड़ा सुझाव
- by Manjesh Kumar
- 03-Oct-2026
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गया: गया जिलांतर्गत अतरी विधानसभा क्षेत्र के महकार स्थित केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पैतृक गांव में उनके जन्मदिन के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान वृक्षारोपण समेत कई कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम के दौरान मांझी अपने पूर्वजों को याद कर भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने समान नागरिक संहिता, SIR, बिहार की कानून-व्यवस्था, शराबबंदी और केंद्र एवं राज्य सरकार के कामकाज को लेकर अपनी बात रखी।
यूसीसी को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं हो पैदा
UCC के सवाल पर जीतन राम मांझी ने कहा कि समान नागरिक संहिता को राष्ट्रीय हित के नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि UCC को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा नहीं की जानी चाहिए। मांझी पहले भी UCC के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं और इसे संविधान के अनुच्छेद 44 से जोड़कर देख चुके हैं।
पात्र मतदाताओं का नाम न छूटे
SIR को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य किसी भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची का सत्यापन और उसे व्यवस्थित करना है। उन्होंने कहा कि जिन पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, उन्हें भी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे लोगों की पहचान जरूरी है, जो भारतीय नागरिक नहीं हैं और कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में शामिल हो गए हैं। मांझी ने SIR की प्रक्रिया को मतदाता सूची के सत्यापन से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। SIR को लेकर वह हाल के दिनों में चुनाव आयोग के फैसले पर भी अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं।
कानून-व्यवस्था पर भी बोले केंद्रीय मंत्री
बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर मांझी ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना का समर्थन नहीं किया जा सकता। हालांकि, घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई को भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था में काफी बदलाव देखा है। मांझी ने ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सरकार के साथ-साथ समाज और राजनीतिक दलों की भी जिम्मेदारी है।
शराबबंदी को लेकर कहा...
शराबबंदी के दौरान जब्त शराब के निस्तारण को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बड़ी मात्रा में जब्त शराब को नष्ट करने के बजाय, यदि तकनीकी और कानूनी रूप से संभव हो तो उसके वैकल्पिक उपयोग पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने जब्त शराब से सैनिटाइजर जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार करने का सुझाव दिया। मांझी के मुताबिक, इससे जब्त सामग्री का जनहित में उपयोग किया जा सकता है और संसाधनों की भी बचत हो सकती है।
केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज का किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बिहार के विकास और आपदा प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने का काम कर रही है। बारिश और आपदा से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने की बात भी उन्होंने कही। मांझी ने कहा कि विकास और बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए सरकार के साथ समाज और राजनीतिक दलों को भी सहयोग करना चाहिए।


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