थोड़ी सी बारिश में ही नर्क बन जाता है कटिहार का बरारी नगर पंचायत, जल जमाव की वजह से सड़क पर चलना हो जाता है दूभर

कटिहार: बारिश शुरू होते ही नगर पंचायत बरारी की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर लोगों के सामने आ गई है। नगर पंचायत गठन के तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद क्षेत्र में न तो जल निकासी की समुचित व्यवस्था दिख रही है और न ही बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नजर आ रहा है। इसका खामियाजा आम लोगों को हर वर्ष बारिश के मौसम में भुगतना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निकासी के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश के बाद जगह-जगह जलजमाव हो जाता है, जिससे सभी दावों की पोल खुल जाती है।

सबसे अधिक समस्या नगर पंचायत के वार्ड संख्या 9 के पासवान टोला में देखी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस वार्ड में सबसे अधिक विकास कार्य होने का दावा किया गया था, लेकिन आज भी यहां नाले और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी सड़क पर जमा रहता है, जिससे आवागमन बाधित होता है और गंदा पानी सड़ने से डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कमोबेश यही स्थिति वार्ड संख्या 2 में भी देखने को मिल रही है। यहां हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी भर जाता है। यह मार्ग काफी व्यस्त है, जहां से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे, कॉलेज के छात्र-छात्राएं, बाजार आने-जाने वाले लोग तथा रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले यात्री इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन का ध्यान मूलभूत सुविधाओं की बजाय मशीनरी और सजावटी कार्यों पर अधिक रहा है। लोगों के अनुसार कचरा उठाव के लिए खरीदी गई गाड़ियां अधिकांश समय उपयोग में नहीं दिखतीं, कई हाईमास्ट लाइटें खराब हो चुकी हैं। लगभग 23 लाख रुपये की लागत से लगाई गई एलईडी स्क्रीन प्रभावी रूप से संचालित नहीं हुई। फॉगिंग मशीन एक ही सीजन में खराब हो गई, जबकि जगह-जगह लगाए गए डस्टबिन भी क्षतिग्रस्त होकर गायब हो गए हैं। लोगों का मानना है कि यदि इन मदों पर खर्च की गई राशि का बड़ा हिस्सा सड़क, नाला निर्माण और स्थायी जल निकासी व्यवस्था पर लगाया जाता, तो नगर पंचायत की स्थिति बेहतर हो सकती थी। एक मामला नगर पंचायत के वार्ड संख्य 10 से जुड़ा है वहां नाला तो बना है पर पिछले 2 सालों से उसकी निकासी नहीं हुई है।

स्थानीय ग्रामीणों शुभम कुमार, संजीव कुमार ने बताया कि आउटफॉल को लेकर पब्लिक पिटिशन कार्यपालक पदाधिकारी को दिया गया पर कोई सुनवाई अभी तक नहीं हुई। ग्रामीणों ने इस तरह की विभागीय उदासीनता पर चिंता जताई। इस संदर्भ में उप मुख्य पार्षद अमन कुमार ने बताया कि संवेदक द्वारा नाला तो बना दिया गया पर आउटफॉल नहीं करवाया गया फिर पुनः उसी नाले में विधायक फंड से एक और नाला जोड़ दिया गया जिसके कारण पिछले एक साल से नाले का पानी सड़क पर फैला रहता है जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उप मुख्य पार्षद ने बताया कि नगर पालिका एक्ट के हिसाब से बिना आउटफॉल के नाला निर्माण का कार्य नहीं हो सकता है। यह नियम के विरुद्ध है तो फिर संवेदक को राशि का भुक्तान कार्यालय द्वारा बिना जांच पड़ताल के कैसे कर दिया गया। हालांकि, इस संबंध में नगर पंचायत प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी। यदि प्रशासन की ओर से कोई पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

  

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