मुजफ्फरपुर में 17 से 25 फरवरी तक मैट्रिक परीक्षा, 82 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच होगी परीक्षा
- by Raushan Pratyek Media
- 14-Feb-2026
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मुजफ्फरपुर : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित वार्षिक माध्यमिक (मैट्रिक) परीक्षा 2026 का आयोजन 17 फरवरी से 25 फरवरी तक मुजफ्फरपुर जिले के 82 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा के सफल एवं सुचारू संपादन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्तादेश निर्गत कर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है. अधिकारीद्वय द्वारा परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों की ब्रीफिंग एमआईटी सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से ब्रीफिंग करते हुए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं केंद्राधीक्षकों को परीक्षा संचालन नियमावली तथा बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के प्रावधानों से अवगत कराया तथा दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
समय से प्रवेश अनिवार्य, विलंब पर नहीं मिलेगी अनुमति...
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व ही परीक्षा भवन में प्रवेश कर लेना अनिवार्य होगा। प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 9:30 बजे से प्रारंभ होगी, जिसके लिए परीक्षार्थियों को अधिकतम पूर्वाह्न 9:00 बजे तक प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। वहीं द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 2:00 बजे से प्रारंभ होगी और परीक्षार्थियों को अधिकतम अपराह्न 1:30 बजे तक ही प्रवेश मिल सकेगा। निर्धारित समय के बाद आने वाले परीक्षार्थियों को संबंधित पाली की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि 17 फरवरी से अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया भी प्रारंभ हो रही है। ऐसे में शहर में संभावित भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए परीक्षार्थियों से समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की अपील की गई है।
परीक्षा छूटने पर विशेष परीक्षा का प्रावधान...
जिलाधिकारी ने परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में किसी परीक्षार्थी की किसी पाली की परीक्षा छूट जाती है तो घबराने, परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। परीक्षा समाप्ति के कुछ ही दिनों बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विशेष परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संबंधित परीक्षार्थी अपने छूटे हुए विषय अथवा संपूर्ण परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। इससे न तो उनका सत्र प्रभावित होगा और न ही शैक्षणिक वर्ष पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। नियमित एवं विशेष परीक्षा के परिणामों के प्रकाशन में मात्र तीन से चार माह का अंतर होता है।
ट्रैफिक व्यवस्था रहेगी सुदृढ़..
परीक्षा अवधि में शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डीएसपी को विशेष निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा प्रारंभ से लेकर समाप्ति तक सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास गश्ती दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए ट्रैफिक डीएसपी को अलर्ट एंड एक्टिव मोड में यातायात व्यवस्था का सुचारू एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है । इसकी सतत मॉनिटरिंग संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) करेंगे।
सभी थाना अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल एवं गेस्ट हाउस पर सतत निगरानी रखी जाए तथा अपने-अपने क्षेत्र में स्थित विद्यालय एवं महाविद्यालयों में शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराई जाए।
जूता-मौजा वर्जित और सघन तलाशी की व्यवस्था....
परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रवेश द्वार पर सघन तलाशी की अनिवार्य व्यवस्था की गई है। केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक परीक्षार्थी की जांच सुनिश्चित की जाए। इसके लिए प्रत्येक केंद्र पर स्टैटिक दंडाधिकारी एवं पुलिस बल तैनात रहेंगे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूर्णतः प्रतिबंधित...
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, स्मार्ट वॉच, मैग्नेटिक वॉच, व्हाइटनर, इरेज़र सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं वर्जित उपकरणों के लाने और उपयोग पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है। प्रवेश द्वार पर ही पर्याप्त जांच की जाएगी ताकि कोई भी परीक्षार्थी इस प्रकार की सामग्री अंदर न ले जा सके। परीक्षा कक्ष में न तो परीक्षार्थी और न ही वीक्षक मोबाइल फोन लेकर जाएंगे। इसका सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।
परीक्षा केंद्र परिसर में परीक्षा अवधि के दौरान मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला नियंत्रण कक्ष द्वारा परीक्षा की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी, जिसके लिए सुरक्षित दंडाधिकारी एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है.
विधि-व्यवस्था पर विशेष नजर..
अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी/पश्चिमी) एवं संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र में विधि-व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में रहने का निर्देश दिया गया है। उन्हें परीक्षा केंद्रों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू करने हेतु आदेश निर्गत करने को कहा गया है, ताकि अनावश्यक भीड़ एवं अवांछित गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
साथ ही निर्देश दिया गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोस्टेट मशीन, कॉपियर एवं डुप्लीकेट मशीनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। संबंधित अधिकारी नियमित भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी प्रकार की कदाचार की संभावना न रहे.
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी....
अपर समाहर्ता (राजस्व) एवं पुलिस उपाधीक्षक (विशेष अपराध/कमजोर वर्ग) को परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था का वरीय प्रभार सौंपा गया है। उन्हें परीक्षा संचालन का अनुश्रवण एवं समन्वय करते हुए सफल एवं पारदर्शी परीक्षा संपन्न कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मैट्रिक परीक्षा पूर्णतः स्वच्छ, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न होगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी अभिभावकों एवं नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि परीक्षा अवधि के दौरान व्यवस्था सुचारू बनी रहे और परीक्षार्थी तनावमुक्त वातावरण में अपनी परीक्षा दे सकें.
मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट...!


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