परिवहन विभाग के SI के यहां ईओयू की रेड, करोड़ों की संपत्ति और निवेश के मिले दस्तावेज
- by Manjesh Kumar
- 30-Sep-2026
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पटना: बिहार में इन दिनो एक तरफ विभिन्न जांच एजेंसी भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर रही है तो धनकुबेरों की लंबी लाइन लगती हुई प्रतीत हो रही है। अभी पटना और बेगूसराय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की धनकुबेर अधिकारी दंपत्ति के ठिकानों पर कार्रवाई और करोड़ों की संपत्ति के खुलासे की चर्चा थमी भी नहीं थी कि अब ईओयू ने एक और भ्रष्ट अधिकारी के यहां दबिश दी है। जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग में प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित खमर गुप्ता के पटना और आरा में स्थित ठिकानो पर ईओयू ने छापेमारी की जिसमें करोड़ों की संपत्ति और निवेश का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार तलाशी के दौरान नकदी, जमीन-मकान और फ्लैट से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। कई बैंक खातों, शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश की जानकारी भी सामने आई है।
ईओयू के अनुसार प्रारंभिक जांच में अमित कुमार गुप्ता की ज्ञात वैध आय से 1 करोड़ 49 लाख 58 हजार 500 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 148.10 प्रतिशत अधिक बताई गई है। ईओयू की टीम ने भोजपुर जिले के अवधपुरी में अमित कुमार गुप्ता के निजी आवास की तलाशी ली। तलाशी के दौरान यहां से 3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके साथ ही एक इलेक्ट्रिक कार भी मिली। जांच टीम ने जमीन की खरीद से जुड़े कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं जिसकी जांच की जा रही है। ईओयू के अनुसार, अमित कुमार गुप्ता और उनके परिजनों के नाम पर अलग-अलग जिलों में जमीन खरीदे जाने की जानकारी मिली है। तलाशी में आरा, पटना और छपरा में 11 भू-खंड खरीदे जाने से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इन संपत्तियों की खरीद और आय के स्रोत का मिलान किया जा रहा है। इसके अलावा एक अन्य चार मंजिला मकान की जानकारी भी सामने आई है।
आरा में करीब 5.1 डिसमिल जमीन पर निर्माणाधीन मकान का भी पता चला है। पटना के साई वरदान सिटी में एक फ्लैट से जुड़े दस्तावेज भी तलाशी के दौरान मिले हैं। जांच का दायरा बिहार से बाहर तक पहुंचता दिख रहा है। ईओयू को नोएडा और नई दिल्ली की कंपनियों से जुड़े निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं। इनमें नोएडा और नई दिल्ली की कंपनी से संबंधित फ्लैट और जमीन में निवेश के कागजात शामिल हैं। एजेंसी अब इन निवेशों की जानकारी जुटा रही है। तलाशी के दौरान अलग-अलग बैंकों में मौजूद 15 खातों से संबंधित पासबुक और चेकबुक की प्रतियां मिली हैं। इन खातों में मौजूद राशि को फ्रीज कराने की कार्रवाई की गई है। खातों में कितनी कुल रकम थी, इसका विस्तृत आंकड़ा एजेंसी ने अभी सार्वजनिक नहीं किया है। एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, हालांकि उसकी तलाशी अभी बाकी है।
अमित कुमार गुप्ता के निवेश का एक हिस्सा शेयर और म्यूचुअल फंड में भी बताया गया है। ईओयू को 30 लाख रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम से संबंधित सात दस्तावेज भी बरामद हुए हैं इन दस्तावेजों में 10 लाख रुपये से अधिक के निवेश की जानकारी होने की बात कही गई है। तलाशी के दौरान आभूषणों की खरीद से जुड़ी कई रसीदें भी मिली हैं। अब इनकी कीमत और खरीद के स्रोत की जांच की जाएगी। ईओयू ने अमित कुमार गुप्ता के बच्चों की शिक्षा पर हुए खर्च की जानकारी भी जुटानी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी के अनुसार, उनका एक बेटा दार्जिलिंग जिले के एक आवासीय स्कूल में पढ़ता है। वहीं, उनकी बेटी कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रही है। बच्चों की शिक्षा पर हुए खर्च और आय के स्रोत का भी जांच में मिलान किया जाएगा।
ईओयू के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अमित कुमार गुप्ता की ज्ञात वैध आय और उनकी संपत्ति के बीच बड़ा अंतर मिला है। एजेंसी ने 1 करोड़ 49 लाख 58 हजार 500 रुपये की संपत्ति को आय से अधिक बताया है। यह उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 148.10 प्रतिशत ज्यादा है। अभी बरामद दस्तावेजों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जाएगा। बैंक लॉकर की तलाशी भी बाकी है। एजेंसी ने कहा है कि आगे की जांच में आय से अधिक संपत्ति की राशि बढ़ सकती है। फिलहाल जमीन, मकान, फ्लैट, बैंक खाते, निवेश, वाहन और आभूषण से जुड़े रिकॉर्ड जांच के केंद्र में हैं। अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी उनके मूल विभाग परिवहन विभाग, बिहार को भी दी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही संपत्ति और बरामदगी से जुड़ी अंतिम तस्वीर साफ होगी।


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