राज्यपाल ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों एवं शिक्षकों से किया संवाद

भोजपुर: बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों एवं शिक्षकों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर उनके सुझाव प्राप्त करना तथा राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना था। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा में सार्थक सुधार तभी संभव है, जब छात्रों और शिक्षकों के अनुभवों, समस्याओं एवं सुझावों को नीति-निर्माण का आधार बनाया जाए। उन्होंने बताया कि बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नीतिगत सुधार, नए नियम तथा प्रशासनिक पहलें लागू की जा रही हैं, जिनसे आने वाले समय में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावी नीतियाँ सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता से ही बनती हैं।

बिहार की समृद्ध बौद्धिक परंपरा का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य के लोगों ने देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान किया है। अब आवश्यकता है कि बिहार के विश्वविद्यालय भी शैक्षणिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित हों। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं लोक भवन इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल शैक्षणिक अध्ययन तक सीमित न रहें, बल्कि खेलकूद, व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल तथा सामान्य ज्ञान के विकास पर भी समान रूप से ध्यान दें। वर्तमान युग ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है, जिसमें डिजिटल तकनीक और इंटरनेट ने सीखने के अवसरों का अभूतपूर्व विस्तार किया है। अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती और प्रत्येक व्यक्ति को जीवनभर ज्ञानार्जन करते रहना चाहिए।

राज्यपाल ने निरंतर ज्ञान अर्जित करने, प्रभावी संवाद कौशल विकसित करने तथा सुदृढ़ चरित्र के निर्माण को सफलता का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि ज्ञान और संवाद की क्षमता सफलता दिला सकते हैं, किंतु मजबूत चरित्र ही उसे स्थायी एवं सार्थक बनाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले चार से छह महीनों में बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में अनेक सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देंगे। संवाद सत्र के दौरान छात्रों एवं शिक्षकों ने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से संबंधित विभिन्न समस्याओं और सुझावों को राज्यपाल के समक्ष रखा। विद्यार्थियों ने स्टार्ट-अप एक्सपो के नियमित आयोजन, उद्योग विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार, इनडोर खेल परिसर, आधुनिक प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास, प्रयोगशालाओं में तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति, छात्राओं के लिए छात्रावासों का विस्तार तथा शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की आवश्यकता पर बल दिया। इस पर जानकारी दी गई कि आधारभूत सुविधाओं का विकास चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा तथा नए विश्वविद्यालय अधिनियम के लागू होने के बाद तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। 

विद्यार्थियों के आत्मविश्वास एवं संवाद कौशल की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों की अधिकांश समस्याएँ वित्तीय संसाधनों से जुड़ी हैं, जिनके समाधान के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने समय पर शैक्षणिक सत्र संचालन, नियमित कक्षाओं, पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण तथा उन्हें अध्ययन एवं शोध के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही कुलाधिपति शोध निधि की स्थापना तथा शोध परियोजनाओं के लिए अनुदान उपलब्ध कराने के प्रस्ताव की भी जानकारी दी। शिक्षकों ने नैक मान्यता, वित्तीय संसाधनों की कमी, आधारभूत संरचना, आईसीटी एवं भाषा प्रयोगशालाओं, छात्रावासों, डिजिटल लाइब्रेरी, स्वास्थ्य सुविधाओं, समय पर वेतन भुगतान, रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति, स्नातकोत्तर शिक्षण में समान अवसर, शोधार्थियों के लिए आधुनिक कंप्यूटर लैब, प्लेसमेंट सेल तथा एनसीसी एवं एनएसएस प्रमाण पत्र धारियों को वेटेज दिए जाने जैसे मुद्दे उठाए।

इन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षकों एवं कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशन का भुगतान उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने समूह स्वास्थ्य बीमा अथवा अंशदायी स्वास्थ्य योजना की संभावना पर गंभीरता से विचार किए जाने तथा विश्वविद्यालयों से व्यावहारिक एवं ठोस प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार एवं बिहार लोक भवन उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन, पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण, छात्र कल्याण तथा विश्वविद्यालयों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के कुलपति प्रो शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी, अन्य पदाधिकारीगण एवं शिक्षकगण, विद्यार्थीगण तथा अन्य लोग उपस्थित थे।

  

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