हर घर तिरंगा अभियान के तहत किशनगंज के भातगांव पंचायत में 41वीं वाहिनी एसएसबी का मिनी मैराथन, युवाओं की उमड़ी भारी भीड़

किशनगंज: हर घर तिरंगा अभियान के तहत 41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल भातगांव की ओर से गुरुवार को 5 किलोमीटर मिनी मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सीमा क्षेत्र के युवाओं और स्थानीय प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, खेल भावना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। मैराथन के बालक वर्ग में कृष्णापुरी, ठाकुरगंज निवासी भिखारी यादव के पुत्र शुभम कुमार यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। शुभम ने 5 किलोमीटर की दौड़ 17 मिनट 8 सेकेंड में पूरी की। वहीं नूनिया डांगी, पोठिया प्रखंड निवासी सुनील टुडू के पुत्र सुखलाल टुडू ने 18 मिनट 4 सेकेंड में दौड़ पूरी कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। बीरपुर तैयपुर निवासी राजकुमार सिंह के पुत्र जयदेव कुमार सिंह 18 मिनट 14 सेकेंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे।वहीं बालिका वर्ग में मुनियाडांगी निवासी सुनील टुडू की पुत्री सुनीता टुडू ने 19 मिनट 30 सेकेंड में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। गलगलिया निवासी संतोष महतो की पुत्री राखी कुमारी ने द्वितीय तथा गलगलिया निवासी कैलाश राय की पुत्री सीमा कुमारी ने तृतीय स्थान हासिल किया।

मैराथन के दौरान ठाकुरगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी, गलगलिया थाना के थानाध्यक्ष राकेश कुमार, भातगांव पंचायत के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में सीमा चौकी भातगांव के प्रभारी संजय कुमार, सीमा चौकी निम्बूगुड़ी के प्रभारी तापस घोष सहित बड़ी संख्या में एसएसबी अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को एसएसबी की ओर से 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएगा । मिनी मैराथन के आयोजन से भातगांव समेत आसपास के सीमा क्षेत्र में युवाओं के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। 

भातगांव–गलगलिया क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण सीमावर्ती इलाका माना जाता है। यह क्षेत्र ‘चिकन नेक’ के समीप होने के साथ ही बिहार और पश्चिम बंगाल की अंतरराज्यीय सीमा तथा भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा है। वहीं, कुछ ही दूरी पर पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्र के जरिए बांग्लादेश की सीमा भी पड़ती है। ऐसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियान के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और सीमावर्ती लोगों में जागरूकता का संदेश पहुंचाना विशेष महत्व रखता है।

  

Related Articles

Post a comment