सुल्तानपुर में अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुई डांडिया नाइट, टिकट बिक्री के बावजूद इंतजामों पर उठे सवाल
- by Manjesh Kumar
- 21-Oct-2026
- Views
प्रवेश के लिए घंटों मशक्कत करते रहे लोग, खानपान की गुणवत्ता पर भी नाराजगी; प्रशासन को संभालनी पड़ी व्यवस्था, सुरक्षा मानकों के पालन पर उठे सवाल
सुल्तानपुर (उप्र): नारी चेतना की ओर से आयोजित डांडिया नाइट कार्यक्रम अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोगों ने उत्साह के साथ टिकट खरीदे, लेकिन आयोजन स्थल पर पहुंचने के बाद उन्हें अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। प्रवेश के लिए लोगों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, खाने-पीने की गुणवत्ता को लेकर भी नाराजगी सामने आई। टिकटों की बिक्री के बावजूद व्यवस्थाओं में कमी को लेकर आयोजन प्रबंधन पर सवाल उठने लगे। प्रवेश के दौरान बिगड़ी स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयासों के बाद व्यवस्था में सुधार हुआ। हालांकि, इस घटनाक्रम ने भीड़ प्रबंधन, आगंतुकों की सुविधाओं और आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना था कि जब कार्यक्रम के लिए टिकट बेचे जा रहे थे, तो आयोजकों को भीड़ के अनुरूप व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करनी चाहिए थीं।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के नियमों का पालन जरूरी
बड़े सार्वजनिक आयोजनों में आयोजकों की जिम्मेदारी केवल टिकट बिक्री तक सीमित नहीं होती। कार्यक्रम की प्रकृति, स्थल और लागू अनुमति की शर्तों के अनुसार पुलिस एवं प्रशासनिक अनुमति, सुरक्षित प्रवेश-निकास, भीड़ नियंत्रण, अग्निशमन व्यवस्था और आपातकालीन निकासी के इंतजाम जरूरी होते हैं। आयोजन स्थल पर लोगों की संख्या उसकी निर्धारित क्षमता के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जा सके। यदि प्रवेश द्वारों पर अत्यधिक भीड़ जमा हो या लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़े, तो यह व्यवस्था की समीक्षा का विषय है। ऐसे में यह देखना जरूरी है कि आयोजकों ने भीड़ के अनुमान के मुताबिक सुरक्षा कर्मियों, प्रवेश मार्गों और अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध किया था या नहीं।
खानपान की गुणवत्ता पर भी सवाल
कार्यक्रम में खाने-पीने की गुणवत्ता को लेकर उठी नाराजगी ने भी आयोजन प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत लागू प्रावधानों के अनुसार खाद्य पदार्थों की सुरक्षा, स्वच्छता और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर शिकायत मिलने पर सक्षम खाद्य सुरक्षा विभाग जांच कर सकता है। यदि खाद्य पदार्थ असुरक्षित या मानकों के विपरीत पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
टिकट धारकों के अधिकारों की अनदेखी नहीं हो सकती
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत परिस्थितियों के अनुसार सेवा में कमी या अनुचित व्यापार व्यवहार के मामलों में उपभोक्ताओं को शिकायत करने का अधिकार मिल सकता है। हालांकि, केवल प्रवेश में देरी या असुविधा के आधार पर किसी कानूनी उल्लंघन का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए टिकट की शर्तों, घोषित सुविधाओं, वास्तविक परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच जरूरी होगी। इसी तरह, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से संबंधित नियमों का पालन भी आवश्यक है। सामान्यतः रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध लागू होता है, हालांकि कानून में निर्धारित अपवादों और वैध अनुमतियों की शर्तें अलग हो सकती हैं।
जांच से स्पष्ट होनी चाहिए जिम्मेदारी
डांडिया नाइट के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या आयोजन से पहले भीड़ के अनुरूप पर्याप्त तैयारियां की गई थीं? क्या आवश्यक अनुमतियां और सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे? खानपान की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों की जांच हुई या नहीं? इन बिंदुओं पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना जरूरी है। टिकट बेचकर लोगों को कार्यक्रम में आमंत्रित करना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी उन्हें सुरक्षित प्रवेश, बेहतर व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। यदि जांच में किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।


Post a comment