सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग, कार्रवाई नहीं हुई तो 7 अक्टूबर से आमरण अनशन की चेतावनी

गयाजी: बिहार सरकार की जमीन पर कथित अवैध अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर गयाजी के टिकारी अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया गया है। आवेदन में खाता संख्या 160, खेसरा संख्या 321 और 322 की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई है। आवेदक पिंक राज चक्रवर्ती ने रविवार को अपने टिकरी निवास स्थान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। जानकारी के अनुसार, अंचल अधिकारी टिकारी के आदेश पर उक्त जमीन की नापी कराई गई थी। नापी के दौरान आरोप लगाया गया कि जमीन के दोनों खेसरों के पश्चिम और पूर्वी हिस्से के दक्षिणी छोर पर करीब 15 फीट तथा उत्तरी छोर पर करीब 12 फीट चौड़ाई और उत्तर से दक्षिण करीब 24 फीट लंबाई में मिट्टी भरकर मकान का निर्माण कर लिया गया है।

आवेदन में प्रदीप कुमार सिंह उर्फ अनिल सिंह, पिता स्वर्गीय हरिशंकर सिंह, निवासी जयनंदन बिगहा, प्रखंड कार्यालय के सामने, पर करीब 1269 वर्गफीट सरकारी जमीन के अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। आवेदनकर्ता का कहना है कि अतिक्रमण के कारण नगर परिषद क्षेत्र की जनता को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत संबंधित व्यक्ति को पूर्व में 30 जून 2019 और 27 फरवरी 2019 को नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई।

आवेदनकर्ता ने बताया कि इस संबंध में 16 सितंबर 2026 को भी अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष आवेदन दिया गया था। अब कार्रवाई नहीं होने पर 7 अक्टूबर 2026 से अनुमंडल कार्यालय में आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी गई है। आवेदनकर्ता ने कहा है कि जब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती, तब तक अनशन जारी रहेगा। आवेदन के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी से संबंधित सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई है।

  

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