आवास सूची पर मुहर की ग्रामसभा बनी आरोपों का अखाड़ा, पंचायत के विकास कार्यों पर उठे सवाल
- by Manjesh Kumar
- 27-Sep-2026
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कटिहार: जिस ग्रामसभा में रविवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची के अनुमोदन पर चर्चा होनी थी, वहां पंचायत के विकास कार्यों का हिसाब मांगते ही माहौल गरमा गया। रौनिया पंचायत सरकार भवन में आयोजित ग्रामसभा में पूर्व मुखिया स्व कौशल किशोर यादव के पुत्र बंटी यादव ने प्रभारी मुखिया छोटे लाल मरांडी, पंचायत सचिव और पंचायत रोजगार सेवक पर विकास योजनाओं में अनियमितता, राशि के मनमाने खर्च और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए। आरोपों के बाद बैठक में पंचायत की योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए।
बंटी यादव ने खुले मंच से आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों के चयन से लेकर नाम जोड़ने और जियो टैग कराने तक गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि नाम जोड़ने और जियो टैग के एवज में लाभुकों से एक-एक हजार रुपए मांगने की बात सामने आ रही है। उनका कहना था कि रौनिया पंचायत में बड़ी संख्या में पिछड़े और महादलित परिवार रहते हैं, लेकिन जरूरतमंदों को विकास योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
>कचरा गाड़ी से आरओ और शौचालय तक सवालों की बौछार
ग्रामसभा में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कचरा उठाव के लिए खरीदी गई गाड़ियों की मरम्मत और बैटरी बदलने के खर्च को लेकर भी सवाल उठाया गया। बंटी यादव ने अधिक राशि खर्च किए जाने का आरोप लगाया। पंचायत की ओर से बताया गया कि गाड़ी की मरम्मत और बैटरी बदलने में पूर्व से बची राशि में से 1.80 लाख रुपए खर्च हुए हैं। पेयजल के लिए लगाए जाने वाले आरओ और शौचालय निर्माण को लेकर भी उन्होंने अनियमितता तथा रिश्वतखोरी के आरोप लगाए। उनका आरोप था कि शौचालय का लाभ लेने के लिए स्वच्छता कार्यालय में 2 हजार रुपए देने की मांग की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
17 सितंबर की आमसभा पर भी सवाल
बंटी यादव ने 17 सितंबर को आयोजित आमसभा की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़ा किया। उनका आरोप था कि ग्रामीणों को समुचित सूचना नहीं दी गई और प्रभारी मुखिया तथा पंचायत सचिव ने बैठक कर औपचारिकता पूरी कर ली। पंचायत सरकार भवन के निर्माण में अनियमितता की शिकायत करने पर संवेदक द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी उन्होंने लगाया। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों से पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर सैकड़ों ग्रामीणों के साथ प्रखंड कार्यालय में धरना देने की चेतावनी दी।
प्रभारी मुखिया का पलटवार—‘एक भी आरोप सही नहीं’
प्रभारी मुखिया छोटे लाल मरांडी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पंचायत का सिर्फ प्रभार मिला है और किसी मद में उनके स्तर से कोई राशि आवंटित नहीं हुई है। आवास योजना की सूची भी पूर्व मुखिया के कार्यकाल में तैयार हुई थी। उसमें किसी कारण से 26 लोगों के नाम कटे हैं। कचरा उठाव गाड़ी की मरम्मत व बैटरी बदलने में पूर्व की बची राशि से ₹1.80 लाख खर्च हुए हैं। पंचायत सरकार भवन में प्रिंटर समेत अन्य सामग्री की खरीद का पूरा ब्योरा पंचायत सचिव के पास उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।
ग्रामसभा का एजेंडा भले ही प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची का अनुमोदन था, लेकिन बैठक में उठे आरोपों ने पंचायत के विकास कार्यों, योजनाओं के चयन और खर्च की प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर हैं। यदि जांच होती है तो आवास सूची, जियो टैग, शौचालय, आरओ, कचरा गाड़ी की मरम्मत और पंचायत सरकार भवन से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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