नवरात्र में बेटियों के हाथ नगर पंचायत की बागडोर, विकास के लिए रखीं मांगें व सुझाव

विधि सुमन ने चिल्ड्रेन पार्क तो कशिश चौधरी ने लाइब्रेरी बनाने का दिया सुझाव, नौ कन्याओं को मिलेगा सांकेतिक नेतृत्व का अवसर

कटिहार: नवरात्र के अवसर पर बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उन्हें निर्णय प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से बरारी नगर पंचायत की मुख्य पार्षद बबीता कुमारी ने अनूठी पहल की है। इसके तहत नौ कन्याओं को एक-एक दिन के लिए सांकेतिक मुख्य पार्षद बनाया जा रहा है। इस दौरान बेटियां मुख्य पार्षद की कुर्सी पर बैठकर नगर पंचायत के कामकाज को समझने के साथ शहर के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं और सुझाव भी रख रही हैं। इसी कड़ी में रविवार को स्वर्गीय पंडित आचार्य प्रदीप कुमार उर्फ बबलू झा की पुत्री विधि सुमन कुमारी और सोमवार को व्यवसायी अमित चौधरी की पुत्री कशिश चौधरी को एक दिन के लिए सांकेतिक मुख्य पार्षद बनाया गया। नगर पंचायत कार्यालय में दोनों का स्वागत किया गया। मौके पर मुख्य पार्षद बबीता कुमारी, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि नीरज कश्यप उर्फ हिटलर यादव, वार्ड पार्षद प्रदीप कुमार समेत कार्यालय के कर्मी मौजूद रहे।

बच्चों के लिए पार्क, विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय की मांग

सांकेतिक मुख्य पार्षद की जिम्मेदारी संभालने के दौरान विधि सुमन कुमारी ने नगर पंचायत क्षेत्र में बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि शहर में विकास के कई कार्य हुए हैं, लेकिन बच्चों के खेलने और मनोरंजन के लिए व्यवस्थित पार्क की जरूरत है। पार्क बनने से बच्चों को सुरक्षित वातावरण में खेलने का अवसर मिलेगा और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, कशिश चौधरी ने गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों की सुविधा के लिए नगर पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक पुस्तकालय स्थापित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय बनने से विद्यार्थियों को शांत वातावरण में पढ़ाई करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकेंगे।

समस्याएं सुनीं, नेतृत्व की बारीकियों को समझा

इस पहल के दौरान सांकेतिक मुख्य पार्षदों ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं। जरूरतमंद लाभुकों को वंशावली समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी उनकी भागीदारी रही। इससे उन्हें स्थानीय निकाय के कामकाज और नागरिकों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला। मुख्य पार्षद बबीता कुमारी ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। उनमें नेतृत्व की क्षमता विकसित करने के लिए कम उम्र से ही निर्णय लेने और जिम्मेदारियां निभाने का अवसर देना जरूरी है। नौ कन्याओं को सांकेतिक मुख्य पार्षद बनाने की पहल का उद्देश्य उनका आत्मविश्वास बढ़ाना, सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना और भविष्य में नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है।

  

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